यूपी: तीन साल से बात करते थे दिलीप-प्रगति, कारोबारी की जिद पर झुका परिवार

UP: तीन साल से बात करते थे दिलीप और प्रगति, कारोबारी की इस जिद के आगे झुका परिवार; शादी को भाई-भाभी न थे तैयार
हिंदी टीवी न्यूज़, मैनपुरी/भोगांव Published by: Megha Jain Updated Wed, 26 Mar 2025
औरैया हत्याकांड में एक और खुलासा हुआ है। दिलीप और प्रगति तीन साल से बात करते थे। पिछले एक साल से दिलीप परिजनों से प्रगति से शादी की जिद कर रहा था। परिजन भी दिलीप की जिद के आगे झुक गए।
मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड जैसी औरैया में हुई वारदात की पटकथा मैनपुरी में लिखी गई थी। दिलीप कुमार यादव मूलरूप से भोगांव के नगला दीपा का रहने वाला था। 5 मार्च को शादी के बाद प्रगति को वह परिजन सहित विदा कराकर नगला दीपा ही लाया था। यहीं मुंह दिखाई की रस्म हुई थी। इसके बाद 10 मार्च की शाम प्रगति को उसके भाई एक रस्म के तहत मायके ले गए थे। 12 मार्च को प्रगति दिबियापुर, औरैया स्थित दिलीप के ऑफिस में उससे मिलने आई थी। दो घंटे तक दोनों एक साथ रहे थे।
प्रगति ने मुंह दिखाई में मिले एक लाख रुपये दिए थे एडवांस
बीती 19 मार्च को भोगांव थाना क्षेत्र के नगला दीपा के निवासी कारोबारी दिलीप कुमार यादव (24) पर कन्नौज के उमर्दा में शूटरों ने हमला किया था। शूटरों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी थी। 21 मार्च को इलाज के दौरान दिलीप की मौत हो गई। औरैया पुलिस ने खुलासा किया है कि दिलीप की हत्या उसकी ही पत्नी प्रगति ने ही कराई थी। उसने अपने प्रेमी फफूंद निवासी अनुराग यादव और अछल्दा निवासी शूटर रामजी नागर के जरिये करा दी। दो लाख रुपये में हत्या तय की गई। प्रगति ने मुंह दिखाई में मिले एक लाख रुपये बतौर एडवांस हत्या के लिए दिए।
तीन साल से होती थी दोनों में बात, दिलीप की जिद के आगे झुका परिवार
मृतक दिलीप के भाई अक्षय यादव ने बताया कि वह चार भाई और एक बहन हैं। सबसे बड़े भाई संदीप यादव हैं, उनकी शादी पारुल के साथ 2019 में हुई थी। भाभी पारुल की छोटी बहन प्रगति और दिलीप के बीच तीन साल पहले वार्ता शुरू हुई थी। पिछले एक साल से दिलीप परिजन से जिद कर रहा था कि उसकी शादी प्रगति के साथ ही कराई जाए। परिजन भी दिलीप की जिद के आगे झुक गए। हालांकि दिलीप के भाई और भाभी इस शादी के लिए तैयार नहीं थे, दिलीप ने खुद ही परिवार के साथ जा-जाकर प्रगति के लिए शादी पर देने के लिए साड़ी से लेकर आठ लाख रुपये के गहनों तक की खरीदारी की थी।
दिलीप से बातचीत के बाहने अनुराग के साथ बुनती थी सपने
मृतक दिलीप के परिजन ने बताया कि प्रगति बेहद शातिर दिमाग है। वह अनुराग यादव के साथ अपनी जिंदगी को बसाने के सपने बुनती थी। उससे बात करती थी। मगर, परिवार का ध्यान उसकी ओर न जाए इसके लिए वह दिलीप से भी बातचीत करती थी, ताकि लोग दिलीप पर ही ध्यान केंद्रित रखें। मगर, जब उसके प्रेम प्रसंग की जानकारी परिजन को लगी तो उन्होंने शादी का दबाव बनाया। साजिश के तहत प्रगति ने दिलीप से शादी करते हुए उसकी हत्या के बाद अपना जीवन अनुराग के साथ बिताने का प्लान तैयार किया था।
छोटी बहन की करतूत पर बड़ी बहन गुमसुम
प्रगति की इस करतूत ने दिलीप की जिंदगी छीन ली। सुमेर सिंह यादव के हंसते-खेलते परिवार में मातम पसरा दिया। सुमेर सिंह यादव के चार बेटे हैं, जिनमें संदीप सबसे बड़ा, उसके बाद अक्षय, तीसरे नंबर का दिलीप और चौथे नंबर का सचिन व छोटी बेटी प्रियंका है। संदीप की शादी 2019 में पारुल के साथ की थी।
संदीप और पारुल दिबियापुर, औरैया में रहते हैं। दिलीप भी कामकाज के सिलसिले में उनके ही साथ रहता था। दरअसल, परिवार के पास 12 हाइड्रा और 10 क्रेन हैं। दिलीप औरैया में रहकर औरैया और कन्नौज में काम देखता था। इधर, भोगांव के नगला दीप में अक्षय की पत्नी सोनी, दो बच्चे, पिता सुमेर सिंह, मां सुमन देवी रहते हैं।
हत्या का पुलिस ने बीते सोमवार को खुलासा किया तो पारुल अपनी छोटी बहन प्रगति की करतूत पर हैरान रह गई। वह गुमसुम हो गई। उसकी आंखों में दुख का सैलाब इस कदर उमड़ रहा था, मानो वह कह रही हो कि छोटी ने करतूत की है, उसकी सजा उसे कानून देगा। मेरे दामन में उसका कलंक न लगाए जाए।
गोली लगने की सूचना पर आई थी सैफई, ग्वालियर तक रही साथ
मृतक के भाई अक्षय यादव ने बताया कि भाई पर हमला होने की सूचना के बाद परिजन और पुलिस उसे सैफई मेडिकल कॉलेज लेकर आए थे। यहां कुछ देर बाद ही प्रगति भी आ गई थी। सैफई मेडिकल कॉलेज से जब बाई को ग्वालियर ले गए तो वह वहां भी साथ गई थी। इसके बाद परिजन ने उसे वापस भेज दिया था। नहीं पता था कि वह इस कदर शातिर है कि साथ रहने का नाटक करते अपनी करतूत को छिपाने का खेल खेल रही है।
हत्यारोपियों को हो फांसी
मृतक दिलीप के पिता सुमेर सिंह, मां सुमन देवी ने कहा कि जिस प्रकार उनके बेटे की गोली मारकर हत्या कराई गई है, उसी प्रकार हत्यारोपियों को भी पुलिस एनकाउंटर में गोली मार दे। पिता सुमेर सिंह ने कहा कि वह अदालत में मुकदमा आखिरी दम तक लड़ेंगे। आरोपियों को फांसी की सजा दिलाकर ही अपने बेटे की हत्या का बदला लेंगे।
औरैया में सौरभ राजपूत जैसा हत्याकांड
5 मार्च को मैनपुरी निवासी कारोबारी दिलीप कुमार (24) की शादी फफूंद निवासी प्रगति से हुई थी। शादी के 15 दिन बाद 19 मार्च को दिलीप को गोली मारी गई थी। दो दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। जांच में जुटी पुलिस ने सोमवार को सनसनीखेज खुलासा किया। हत्याकांड की साजिश पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रची। प्रगति को मुंह दिखाई में मिले रुपयों से भाड़े के शूटरों को सुपारी दी गई। पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी, उसके प्रेमी अनुराग व एक शूटर को धर दबोचा है।
19 मार्च को शूटरों ने किया हमला
19 मार्च को मैनपुरी के भोगांव निवासी कारोबारी दिलीप कुमार (24) पर कन्नौज के उमर्दा में शूटरों ने हमला किया। शूटरों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी। बाद में उसे खेत में फेंक दिया। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया। 21 मार्च को इलाज के दौरान दिलीप की मौत हो गई। दिलीप के पिता का क्रेन का कारोबार कई जिलों में फैला है।
दिलीप के परिवार के चलते हैं 12 हाइड्रा और 10 क्रेन
उनके पास 12 हाइड्रा और 10 क्रेन हैं। दिलीप औरैया में रहकर औरैया और कन्नौज में काम देखता था। वहीं प्रगति का परिवार भी पैसे से मजबूत बताया गया है। उज्जैन में उनका एक स्कूल संचालित होता है। हत्या के मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी। इसी दौरान सुपारी के रुपयों के लेनदेन की सूचना पर शनिवार को पुलिस ने हरपुरा के पास छापा मारा।
बहन के देवर से करा दी थी शादी
यहां से सहार थानाध्यक्ष पंकज मिश्रा व स्वाट प्रभारी राजीव कुमार ने प्रगति को गिरफ्तार किया। वहां से फफूंद निवासी प्रेमी अनुराग यादव और अछल्दा निवासी शूटर रामजी नागर को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से तमंचे, बाइक सहित अन्य सामान बरामद हुआ है। पूछताछ में प्रगति ने बताया कि प्रेम प्रसंग की जानकारी होने पर परिजन ने उसकी शादी बड़ी बहन के देवर दिलीप से करा दी थी।
दो लाख में सुपारी तय हुई एक लाख एडवांस दिए
इस शादी से वह नाखुश थी। इसलिए उसने प्रेमी के साथ पति को रास्ते से हटाने की ठानी। उसने दो लाख रुपये में भाड़े के शूटर बुक किए थे। बताया कि शादी में मुंह दिखाई व अन्य रस्मों के दौरान उसे मिले एक लाख रुपये उसने शूटरों को एडवांस में दे दिए।