हिमाचल प्रदेश: अंग्रेजी शराब के दाम ₹200 तक बढ़े, रेट लिस्ट अनिवार्य

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में महंगी हुई अंग्रेजी शराब, 200 रुपये तक बढ़ गए दाम; रेट लिस्ट अनिवार्य
हिंदी टीवी न्यूज़, शिमला। Published by: Megha Jain Updated Thu, 03 Apr 2025
हिमाचल प्रदेश में अब अंग्रेजी शराब और महंगी हो चुकी है। कर एवं आबकारी विभाग ने साल 2025-26 के लिए शराब के दाम जारी कर दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश में अंग्रेजी शराब महंगी हो गई है। सरकार ने अंग्रेजी शराब के प्रति बोतल दाम 200 रुपये तक बढ़ा दिए हैं। कर एवं आबकारी विभाग ने साल 2025-26 के लिए शराब के दाम जारी कर दिए हैं। इस साल सरकार मिनिमम सेल प्राइस से वापस मैक्सिमम रिटेल प्राइस पर लौट आई है। अब ठेकेदार स्वयं लाभांश तय नहीं कर सकेंगे। साल 2024 में देश में बनाई जाने वाली अंग्रेजी शराब को विभाग ने दो वर्गों में बांटा था। लो ब्रांड की शराब पर 15 और हाई ब्रांड की शराब पर 30 फीसदी लाभांश तय किया था। लोे ब्रांड की शराब का एमएसपी 500 रुपये तक था। 500 रुपये से अधिक एमएसपी वाली अंग्रेजी शराब को हाई ब्रांड के तहत रखा था। इस साल जारी हुए एमआरपी 15 और 30 फीसदी लाभांश से भी अधिक हो गए हैं। चालू वित्त वर्ष में शराब ठेकों की नीलामी में बेस प्राइज बढ़ने पर सरकार को एक साल बाद ही एमएमसी से एमआरपी पर लौटने का यूटर्न लेना पड़ा है।
2024-25 में लिया था चंडीगढ़ की तर्ज पर शराब बेचने का फैसला
राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की तर्ज पर शराब की बिक्री करने का फैसला लिया था। बदलाव के तहत शराब की बोतलों पर एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) की जगह एमएसपी (न्यूनतम विक्रय मूल्य) लिखा गया। शराब कारोबारी को बिक्री के लिए उच्चतम कोई भी दाम नहीं दिया गया। यह उसे स्वयं तय करने को कहा गया कि कितना लाभांश रखते हुए शराब बेचनी है। पड़ोसी राज्यों से मुकाबले और अवैध शराब की निगरानी को सरकार ने आबकारी नीति में बदलाव किया था। पड़ोसी राज्यों में हिमाचल के मुकाबले शराब की खपत अधिक होती हैए ऐसे में वहां एमएसपी के माध्यम से शराब बेचने का फाॅर्मूला सफल रहा है। हिमाचल में बीते वर्ष अधिक बेस प्राइज पर शराब ठेके बिके थे। बीते वित्त वर्ष में कर एवं आबकारी विभाग को करीब 2600 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। इस वर्ष राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य 2800 करोड़ रुपये रखा गया है।
रेट लिस्ट अनिवार्य, अफसरों के फोन नंबर भी लगेंगे साथ
शराब ठेकों पर सभी ब्रांड की रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य रहेगा। रेट लिस्ट पर ही संबंधित क्षेत्र के कर एवं आबकारी निरीक्षक का फोन पर भी लिखना जरूरी कर दिया है। ऐसा नहीं करने वाले कारोबारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी व्यक्ति से शराब कारोबारी एमआरपी से अधिक रेट वसूलता है तो संबंधित अधिकारी को फोन पर इसकी शिकायत की जा सकेगी।