हिमाचल प्रदेश के अस्पतालों में आज से बंद हो सकते हैं पैथोलाजी टेस्ट और एक्स-रे

Himachal: जनता पर आफत! हिमाचल प्रदेश के अस्पतालों में आज से बंद हो सकते हैं पैथोलाजी टेस्ट और एक्स-रे, भुगतान ना मिलने पर स्वास्थ्य कर्मियों का ‘हल्ला-बोल’
Himachal इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आइजीएमसी) शिमला से लेकर प्रदेश के अस्पतालों में बुधवार से राज्य सरकार की ओर से अधिकृत क्रसना लैब पैथोलाजी के टेस्ट व एक्स-रे करना बंद कर सकती है। इसके अलावा प्रदेश के किसी भी जिले में कंपनी सेवाएं नहीं देगी। आइजीएमसी रिपन से लेकर प्रदेशभर के अस्पतालों में हजारों लोग क्रसना लैब से टेस्ट करवाते हैं।
HIGHLIGHTS
- हिमाचल में लैब पैथोलाजी के टेस्ट व एक्स-रे करना बंद कर सकती है
- इसके अलावा प्रदेश के किसी भी जिले में कंपनी सेवाएं नहीं देगी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आइजीएमसी) शिमला से लेकर प्रदेश के अस्पतालों में बुधवार से राज्य सरकार की ओर से अधिकृत क्रसना लैब पैथोलाजी के टेस्ट व एक्स-रे करना बंद कर सकती है। इसके लिए नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के निदेशक को कंपनी के पदाधिकारी की ओर से पत्र दे दिया है। इसमें साफ किया है लंबे समय से उनका भुगतान नहीं हो रहा है। लाहुल स्पीति व किन्नौर के लिए नवंबर तक का भुगतान हुआ है। इन दोनों ही जिलों में सेवाएं जारी रहेंगी।
इसके अलावा प्रदेश के किसी भी जिले में कंपनी सेवाएं नहीं देगी। आइजीएमसी, रिपन से लेकर प्रदेशभर के अस्पतालों में हजारों लोग क्रसना लैब से टेस्ट करवाते हैं। एनएचएम की मिशन निदेशक प्रियंका वर्मा ने बताया कि कंपनी के साथ कुछ मामले तो लंबित हैं, लेकिन सेवाएं बंद करने की कंपनी ने जानकारी नहीं दी है। कंपनी के साथ बात कर मामले को सुलझा लिया जाएगा।
34 लाख से अधिक की राशि है देय
क्रसना लैब के पदाधिकारियों के अनुसार उनकी 34 लाख से अधिक की राशि देय है। पदाधिकारियों का दावा है कि पांच माह से एनएचएम के अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। वे भुगतान के बजाय टाल रहे हैं। इस कारण अब लैब प्रबंधन को भी सेवाएं जारी रखना संभव नहीं हैं, इसलिए सेवाओं को बुधवार से स्थगित करने का फैसला लिया है।