Baddi: बैठने को जगह नहीं, नए दाखिले से इनकार

Baddi News: प्राथमिक स्कूल में 893 बच्चे, 8 शिक्षक, बैठने के लिए जगह नहीं, अब नए दाखिले से इनकार
प्रदेश में पांच से कम छात्र संख्या वाले करीब 100 स्कूल पांच बंद हो गए हैं, वहीं औद्योगिक क्षेत्र के सरकारी प्राथमिक स्कूल बद्दी में 893 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश में पांच से कम छात्र संख्या वाले करीब 100 स्कूल पांच बंद हो गए हैं, वहीं औद्योगिक क्षेत्र के सरकारी प्राथमिक स्कूल बद्दी में 893 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इस स्कूल में सूबे में सबसे ज्यादा छात्र संख्या है। यहां ज्यादातर उद्योगों में काम करने वाले प्रवासी कामगारों के बच्चे हैं। अभी भी बच्चे दाखिले के लिए आ रहे हैं। स्कूल में 10 कमरे हैं और आठ शिक्षक हैं। कमरों में बच्चों के बैठने के लिए जगह न होने से अब दाखिला देने से इन्कार करना पड़ रहा है। बद्दी का प्राइमरी स्कूल सरकार के लिए किसी मॉडल से कम नहीं है। 50 से 60 विद्यार्थियों की क्षमता वाले कमरे में 100 से अधिक विद्यार्थियों को बैठाया जा रहा है। स्कूल में विद्यार्थियों को बैठाने के लिए डेस्क लगना तो दूर, कई को तो टाट पट्टी भी नसीब नहीं हो रही है।
इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए भी मात्र आठ शिक्षक हैं। शिक्षा विभाग के नियम के अनुसार एक कक्षा में एक अध्यापक 40 विद्यार्थियों को ही पढ़ा सकता है। यहां पर एक अध्यापक 100 से अधिक बच्चों को पढ़ाने के लिए मजबूर है। ऐसे में शिक्षकों के लिए हर बच्चे को देख पाना भी मुश्किल रहता है। औद्योगिक क्षेत्र होने से बीबीएन में प्रवासियों के विद्यार्थी अधिक हैं। मजदूर तबका अपने बच्चों को निजी स्कूल में नहीं भेज सकता है। इसके चलते सभी कामगार अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भी प्रवेश दिलाते हैं। मुख्य अध्यापक राज ठाकुर ने बताया कि विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से कमरे और अध्यापकों की संख्या कम है। अभी भी लोग अपने बच्चों को लेकर यहां आ रहे हैं लेकिन कमरों की कमी चलते अब नए दाखिले नहीं ले रहे हैं।