Lahul News: लाहौल-स्पीति में एंटी फ्रीज तकनीक से बनेंगी 24 योजनाएं, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी

जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए 24 विंटर पेयजल योजनाओं को मंजूरी मिली है।हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिला में अब माइनस-20 डिग्री तापमान में भी लोगों को 24 घंटे पानी उपलब्ध होगा। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए 24 विंटर पेयजल योजनाओं को मंजूरी मिली है। जल जीवन मिशन के तहत 79.15 करोड़ की लागत से इन स्कीमों का निर्माण एंटी फ्रीज तकनीक से होगा। केंद्र सरकार से इसकी मंजूरी मिल गई है। इसमें लाहौल घाटी की 11 और स्पीति घाटी में 13 योजनाएं शामिल हैं।अमेरिका और यूरोपीय देशों की तर्ज पर इनका निर्माण होगा। जल शक्ति विभाग इन स्कीमों का निर्माण करेगा। बता दें कि लाहौल-स्पीति जिला में 10,000 से 12,000 फुट की ऊंचाई पर बसे अधिकतर गांवों में सर्दियों के मौसम में पानी जमने की वजह से लोगों को पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पाता है। अब जल जीवन मिशन के तहत एंटी फ्रीज वाटर सप्लाई सिस्टम से यह समस्या दूर होगी।
घाटी में एक साथ 24 एंटी फ्रीज स्कीमों को मंजूरी मिलने से लोगों में खुशी की लहर है। जल शक्ति विभाग केलांग के सहायक अभियंता संजू बौद्ध ने कहा कि करीब 56.13 करोड़ से लाहौल में सर्दी में पीने के पानी की समस्या दूर होगी। लाहौल की 11 स्कीमों में चंद्रा व भागा नदी से पानी उठाकर बोरवेल में डाला जाएगा। अंडर ग्राउंड बोरवेल से पानी को इंसुलेटेड पाइप के जरिये गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।
क्या है एंटी फ्रीज सिस्टम
लाहौल-स्पीति के लिए मंजूर हुईं 24 पेयजल स्कीमों को एंटी फ्रीज तकनीक से पानी पहुंचाया जाएगा। योजना को सिरे चढ़ाने के लिए पानी को नदी व नालों से अंडरग्राउंड बोरवेल तक पहुंचाया जाएगा। यहां से जमीन से चार फुट नीचे पाइपलाइन (ग्रेड पॉलीथिन वर्जिन मैटीरियल) बिछाया जाएगा। पाइप के बाहर तीन लेयर और लगेंगी, जिससे पानी नहीं जमेगा।
स्पीति में 13 स्कीमों का निर्माण होगा। इसके लिए करीब 23.02 करोड़ रुपये की राशि की मंजूरी मिली है। अब सर्दी के दिनों में लोगों को पीने के पानी की समस्या नहीं रहेगी। विभाग टेंडर प्रक्रिया शुरू कर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करेगा।